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अब टेकà¥â€à¤¨à¥‹à¤²à¥‹à¤œà¥€ के जमाने में बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ के हाथ में मोबाइल फोन रहने लगे हैं और कहानी सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ के मजे से जैसे वो परे हो गठहैं। हालांकि, आपको बता दें कि बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ के लिठगैजेटà¥à¤¸ का इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² जितना नà¥à¤•सानदायक होता है कहानी सà¥à¤¨à¤¨à¤¾ उतना ही जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फायदेमंद होता है।
बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को कहानी सà¥à¤¨à¤¾à¤¨à¥‡ की बहà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ पà¥à¤°à¤¥à¤¾ है। हम à¤à¥€ अपने बचपन में कहानी सà¥à¤¨à¥‡ बिना नहीं सोते थे। कहानी की दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को जैसे अपनी-सी लगती है। बीरबल, पांडवों, विकà¥à¤°à¤® और बेताल की कहानियों से à¤à¥€ बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को बहà¥à¤¤ कà¥à¤› सीखने को मिलता है।
बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ ही नहीं बलà¥à¤•ि बड़ों को à¤à¥€ कहानियों से जीवन की सीख मिलती है। हालांकि, अब समय बदल रहा है और अब बचà¥â€à¤šà¥‡ कहानी सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ की बजाय सà¥â€à¤®à¤¾à¤°à¥à¤Ÿà¤«à¥‹à¤¨ और टैबलेट पर चिपके रहते हैं। आपको बता दें कि बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ के लिठगैजेट से जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कहानी सà¥à¤¨à¤¨à¤¾ फायदेमंद होता है।
यहां हम आपको बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को कहानी सà¥à¤¨à¤¾à¤¨à¥‡ के कà¥à¤› फायदे बता रहे हैं।
à¤à¤¾à¤·à¤¾ पर पकड़
किताबें पढ़ने से ही नहीं बलà¥à¤•ि कहानी सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ से à¤à¥€ बचà¥â€à¤šà¥‡ की à¤à¤¾à¤·à¤¾ यानी वोकैबलरी बढ़ती है। अगर आपका बचà¥â€à¤šà¤¾ अà¤à¥€ छोटा है तो आप उसे कहानी सà¥à¤¨à¤¾à¤•र बोलना सिखा सकती हैं। वहीं ये आपके बचà¥â€à¤šà¥‡ के लिठशिकà¥à¤·à¤¾ की पहली सीढ़ी होगी। कहानियों से बचà¥â€à¤šà¥‡ में à¤à¤¾à¤·à¤¾ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ कà¥à¤¶à¤²à¤¤à¤¾ बढ़ती है।
बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को अपने पिता से विरासत में मिलती हैं ये 6 चीजें
- à¤à¤¸à¤¾ माना जाता है कि अगर मां या बाप में से किसी à¤à¤• की à¤à¥‚री आंखें हैं, तो बचà¥â€à¤šà¥‡ की à¤à¥€ आंखों का à¤à¥‚रा रंग होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ काफी बढ़ जाती है। लेकिन अगर पिता की आंखों का रंग नीला, हरा या गà¥à¤°à¥‡ हो, तो बचà¥â€à¤šà¥‡ की आंखों का रंग अपने पिता पर ही जाता है।
बचà¥â€à¤šà¥‡ के नैन-नकà¥â€à¤¶ के बाद बालों की ही बात होती है। यहां à¤à¥€ आंखों के रंग वाला लॉजिक ही बैठता है। बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ के बाल का रंग में पिता के जीनà¥â€à¤¸ अहम à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥‡ हैं। यदि पिता के बालों का रंग काला होगा, तो बचà¥â€à¤šà¥‡ के बालों का रंग à¤à¥€ अपने पिता पर ही जाà¤à¤—ा।
-बचà¥â€à¤šà¥‡ का सोने का तरीका à¤à¥€ काफी हद तक अपने पिता से मिलता है। यदि आपका बचà¥â€à¤šà¤¾ à¤à¥€ अपने पिता की तरह करवट लेकर सोता है या सीधा लेटता है, तो हैरान होने की बात नहीं है। ये आदत आपके बचà¥â€à¤šà¥‡ को अपने पिता से ही मिली होती है।
अगर पिता का कद लंबा हो, तो बचà¥â€à¤šà¥‡ की लंबाई à¤à¥€ अपने पिता के जितनी होती है। वहीं, अगर मां का कद छोटा और पिता की हाइट लंबी हो तो इससे बचà¥â€à¤šà¥‡ की लंबाई सामानà¥â€à¤¯ या अचà¥â€à¤›à¥€ होती है।
कà¤à¥€ à¤à¥€ दो लोगों के फिंगरपà¥à¤°à¤¿à¤‚ट à¤à¤• जैसे नहीं होते हैं, लेकिन दिलचसà¥â€à¤ª बात यह है कि बचà¥â€à¤šà¥‡ और पिता की हाथ की रेखाओं के पैटरà¥à¤¨ के बीच समानताà¤à¤‚ हो सकती हैयदि बचà¥â€à¤šà¥‡ के पिता के दांतों में कैविटी या कोई अनà¥â€à¤¯ समसà¥â€à¤¯à¤¾ हो, तो उसका जोखिम बचà¥â€à¤šà¥‡ में à¤à¥€ बढ़ जाता है। यहां तक कि बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ के दांतों की संरचना à¤à¥€ पिता पर ही जाती है।
इसके अलावा बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ के गाल के डिंपल à¤à¥€ उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ अपने पिता से मिल सकते हैं। अब तो आप जान गठना कि बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को अपने पिता से कà¥â€à¤¯à¤¾ चीजें मिलती हैं। पिता के कई गà¥à¤£ बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ में आते हैं जिनमें से कà¥à¤› लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के बारे में ऊपर बताया गया है। अब अगर आप पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट हैं और जानना चाहती हैं कि आपका बचà¥â€à¤šà¤¾ किस पर जाà¤à¤—ा? तो आप आसानी से समठसकती हैं कि आपके बचà¥â€à¤šà¥‡ की कई आदतें उसके पिता पर ही होंगी। पिता के कà¥à¤› खास लकà¥à¤·à¤£ बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ में आ ही जाते हैं।
à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥â€à¤®à¤• पहलू
कहानी सà¥à¤¨à¤¤à¥‡ समय बचà¥â€à¤šà¥‡ खà¥à¤¦ को कहानी के पातà¥à¤° के रूप में देखने लगते हैं। इससे उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ अलग-अलग à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं का à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ करने में मदद मिलती है और वो दूसरों की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं को à¤à¥€ समà¤à¤¨à¥‡ लगते हैं। कहानी सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ वाले बचà¥â€à¤šà¥‡ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बेहतर इंसान बन सकते हैं और ये à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥â€à¤®à¤• सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को अचà¥â€à¤›à¥€ तरह से संà¤à¤¾à¤² à¤à¥€ सकते हैं। à¤à¤¸à¤¾ कहा जा सकता है कि कहानी सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ से बचà¥â€à¤šà¥‡ à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥â€à¤®à¤• रूप से मजबूत बनते हैं।
दूसरों की बात सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ का गà¥à¤£
आज बहà¥à¤¤ ही कम लोग à¤à¤¸à¥‡ बचे हैं जो अपनी बात कहने की बजाय दूसरों की सà¥à¤¨à¤¤à¥‡ हों। इसीलिठआज दूसरों की बात सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ को à¤à¤• अचà¥â€à¤›à¤¾ गà¥à¤£ माना जाने लगा है। अधà¥â€à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ में सामने आया है कि कहानी सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ से बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ की सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ और चाहत में सà¥à¤§à¤¾à¤° आता है। कहानी सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ वाले बचà¥â€à¤šà¥‡ अचà¥â€à¤›à¥‡ शà¥à¤°à¥‹à¤¤à¤¾ बनते हैं।
बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को अपने पिता से विरासत में मिलती हैं ये 6 चीजें
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à¤à¤¸à¤¾ माना जाता है कि अगर मां या बाप में से किसी à¤à¤• की à¤à¥‚री आंखें हैं, तो बचà¥â€à¤šà¥‡ की à¤à¥€ आंखों का à¤à¥‚रा रंग होनेà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ काफी बढ़ जाती है। लेकिन अगर पिता की आंखों का रंग नीला, हरा या गà¥à¤°à¥‡ हो, तो बचà¥â€à¤šà¥‡ की आंखों का रंग अपने पिता पर ही जाता है।
बचà¥â€à¤šà¥‡ के नैन-नकà¥â€à¤¶ के बाद बालों की ही बात होती है। यहां à¤à¥€ आंखों के रंग वाला लॉजिक ही बैठता है। बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ के बाल का रंग में पिता के जीनà¥â€à¤¸ अहम à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥‡ हैं। यदि पिता के बालों का रंग काला होगा, तो बचà¥â€à¤šà¥‡ के बालों का रंग à¤à¥€ अपने पिता पर ही जाà¤à¤—ा।
बचà¥â€à¤šà¥‡ का सोने का तरीका à¤à¥€ काफी हद तक अपने पिता से मिलता है। यदि आपका बचà¥â€à¤šà¤¾ à¤à¥€ अपने पिता की तरह करवट लेकर सोता है या सीधा लेटता है, तो हैरान होने की बात नहीं है। ये आदत आपके बचà¥â€à¤šà¥‡ को अपने पिता से ही मिली होती है।
पिता का कद लंबा हो, तो बचà¥â€à¤šà¥‡ की लंबाई à¤à¥€ अपने पिता के जितनी होती है। वहीं, अगर मां का कद छोटा और पिता की हाइट लंबी हो तो इससे बचà¥â€à¤šà¥‡ की लंबाई सामानà¥â€à¤¯ या अचà¥â€à¤›à¥€ होती है।
कà¤à¥€ à¤à¥€ दो लोगों के फिंगरपà¥à¤°à¤¿à¤‚ट à¤à¤• जैसे नहीं होते हैं, लेकिन दिलचसà¥â€à¤ª बात यह है कि बचà¥â€à¤šà¥‡ और पिता की हाथ की रेखाओं के पैटरà¥à¤¨ के बीच समानताà¤à¤‚ हो सकती हैं।
यदि बचà¥â€à¤šà¥‡ के पिता के दांतों में कैविटी या कोई अनà¥â€à¤¯ समसà¥â€à¤¯à¤¾ हो, तो उसका जोखिम बचà¥â€à¤šà¥‡ में à¤à¥€ बढ़ जाता है। यहां तक कि बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ के दांतों की संरचना à¤à¥€ पिता पर ही जाती है।
इसके अलावा बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ के गाल के डिंपल à¤à¥€ उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ अपने पिता से मिल सकते हैं। अब तो आप जान गठना कि बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को अपने पिता से कà¥â€à¤¯à¤¾ चीजें मिलती हैं। पिता के कई गà¥à¤£ बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ में आते हैं जिनमें से कà¥à¤› लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के बारे में ऊपर बताया गया है। अब अगर आप पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट हैं और जानना चाहती हैं कि आपका बचà¥â€à¤šà¤¾ किस पर जाà¤à¤—ा? तो आप आसानी से समठसकती हैं कि आपके बचà¥â€à¤šà¥‡ की कई आदतें उसके पिता पर ही होंगी। पिता के कà¥à¤› खास लकà¥à¤·à¤£ बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ में आ ही जाते हैं
हमारी परà¥à¤¸à¤¨à¥ˆà¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ में माता-पिता के जीनà¥â€à¤¸ अहम à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥‡ हैं। शारीरिक बनावट के साथ-साथ चेहरे की शेप और तà¥â€à¤µà¤šà¤¾ का रंग à¤à¥€ मां-बाप पर ही जाता है।
कलà¥â€à¤ªà¤¨à¤¾ शकà¥â€à¤¤à¤¿ बढ़ती है
कहानी सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ से बचà¥â€à¤šà¥‡ चीजों की कलà¥â€à¤ªà¤¨à¤¾ करने लगते हैं। वो खà¥à¤¦ ही सोचने लगते हैं कि कहानी में कौन-सा किरदार कैसा है और कहानी कैसे चल रही है। इस कलà¥â€à¤ªà¤¨à¤¾ से बचà¥â€à¤šà¥‡ में रचनातà¥â€à¤®à¤•ता आती है और उसकी सोचने à¤à¤µà¤‚ समसà¥â€à¤¯à¤¾à¤“ं को हल करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ à¤à¥€ बढ़ती है।
संसà¥â€à¤•ृति के बारे में जानने का मौका
अपनी नैतिक कहानियां और इतिहास से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ कहानियां सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ पर बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को अपनी संसà¥â€à¤•ृति के बारे में जानने का मौका मिलता है। दादा-दादी दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ अपने समय की सà¥à¤¨à¤¾à¤ˆ गई कहानियों से बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को पता चलता है कि पहले का समय कैसा था और तब सब कैसे रहते और काम करते थे। इतिहास की बातें पढ़ने में बोरिंग लगती हैं लेकिन जब उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ कहानी में पिरोकर सà¥à¤¨à¤¾à¤¯à¤¾ जाता है तो बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ की दिलचसà¥â€à¤ªà¥€ बढ़ जाती है।
अब अगर आप चाहते हैं कि आपका बचà¥â€à¤šà¤¾ होशियार और समà¤à¤¦à¤¾à¤° बने तो थोड़ा समय निकाल कर उसे कहानी सà¥à¤¨à¤¾à¤¨à¤¾ शà¥à¤°à¥‚ कर दीजिà¤à¥¤ इससे बचà¥â€à¤šà¥‡ को ही नहीं बलà¥à¤•ि आपको à¤à¥€ फायदा होगा। आपको अपने बचà¥â€à¤šà¥‡ के साथ कà¥à¤› खास और अचà¥â€à¤›à¤¾ समय बिताने का मौका मिलेगा जिससे आप दोनों का रिशà¥â€à¤¤à¤¾ और मजबूत होगा।
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